कोर्ट-कचहरी नहीं, अध्यादेश ला कर अयोध्या में मंदिर बनवाएं मोदी : नृत्यगोपाल दास


मथुरा । अयोध्या स्थित रामजन्म भूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर राम मंदिर निर्माण से बचने के लिए सुप्रीम कोर्ट के फैसले का बहाना बनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा बहुसंख्य जनता की भावनाओं का सम्मान करते हुए जल्द से जल्द राम मंदिर के निर्माण का रास्ता साफ किया जाना चाहिए। वह दिल्ली रवाना होने से पूर्व वृन्दावन के चैतन्य विहार स्थित हरिहर आश्रम में पत्रकारों से बात कर रहे थे।
उन्होंने केंद्र की मोदी और राज्य की योगी सरकारों को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा उन्होंने मंदिर निर्माण की निर्धायक पहल करनी चाहिए। लेकिन दुर्भाग्य से वे कानून और अदालतों को आगे कर इस संवेदनशील मसले को पीछे कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अयोध्या के लिए विशिष्ट पूजन से संबंधित कार्यक्रम में शामिल होंगे और धर्माचार्यों के साथ वार्ता कर सरकार को प्रेरित करेंगे कि जहां रामलला विराजमान हैं, वहां शीघ्रातिशीघ्र राम मंदिर का निर्माण किया जाए।
नववर्ष के अवसर पर प्रधानमंत्री द्वारा राम मंदिर के निर्माण के मुद्दे को कोर्ट में लंबित बताकर कोई अध्यादेश न लाने की बात कहे जाने पर महंत ने कहा उन्होंने कोर्ट का सम्मान किया है। हम भी कोर्ट का सम्मान करते हैं, लेकिन यह कोर्ट का विषय नहीं है। कोर्ट तो अपने हिसाब से निर्णय लेता है। कोर्ट ने तो रामलला के स्थल को तीन हिस्सों में बांट दिया। लेकिन केंद्र में मोदी की बहुमत की सरकार है। राज्य में योगी सरकार भी मजबूत है। जनता ने इनको मंदिर निर्माण के लिए भेजा है। इसलिए इन्हें चाहिए कि कोर्ट की बात न करके सीधे मंदिर निर्माण की राह प्रशस्त करें।
उन्होंने कहा कि अदालत का झमेला न खड़ा करके, केंद्र व प्रांत की सरकारों को चाहिए कि वे सीधे अपने बहुमत का उपयोग करें और जनता की भावनाओं का सम्मान करते हुए रामलला के स्थान पर राम मंदिर निर्माण की राह निकालें। बता दें कि इससे पहले उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यकाल में शीघ्र ही राम मंदिर का निर्माण नहीं कराया तो यह भाजपा और मोदी के लिए घातक होगा, आने वाले चुनाव में जनता उन्हें नकार देगी।


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