खनिज चोरी में कांग्रेस के विधायक सस्पेंड, कांग्रेस शुरू करेगी आंदोलन


गुजरात विधानसभा के अध्यक्ष राजेन्द्र त्रिवेदी के जरिए आज कांग्रेस के विधायक भगवान बारड को विधायक पद से सस्पेंड कर दिया गया है. इस घटना के बाद गुजरात की राजनीति गरमा गई है. दरअसल, सूत्रपाडा की स्थानीय अदालत ने गत एक मार्च को वर्ष 1995 में यानी 25 साल पहले 2.83 करोड़ की खनिज चोरी के मामले में कांग्रेस विधायक भगवान बारड को दोषी मानते हुए दो साल नौ माह की सजा सुनाई है.

गुजरात विधानसभा के अध्यक्ष राजेन्द्र त्रिवेदी के जरिए आज कांग्रेस के विधायक भगवान बारड को विधायक पद से सस्पेंड कर दिया गया है. इस घटना के बाद गुजरात की राजनीति गरमा गई है. दरअसल, सूत्रपाडा की स्थानीय अदालत ने गत एक मार्च को वर्ष 1995 में यानी 25 साल पहले 2.83 करोड़ की खनिज चोरी के मामले में कांग्रेस विधायक भगवान बारड को दोषी मानते हुए दो साल नौ माह की सजा सुनाई है. इसके बाद गुजरात विधानसभा अध्यक्ष राजेन्द्र त्रिवेदी ने मंगलवार को विधायक भगवान बारड को विधायक से सस्पेंड कर दिया गया. जिसके बाद उन्हें 15 दिन का वक्त दिया गया है कि वो चाहें तो इस फैसले को उपरी अदालत में चैलेंज कर सकते हैं.

कोर्ट के इस फैसले को अभी 5 दिन ही हुए हैं और गुजरात विधानसभा के अध्यक्ष राजेन्द्र त्रिवेदी ने कहा है कि संविधान में लोकप्रतिनिधि धारा 8(3) के मुताबिक अगर विधायक को 2 साल से ज्यादा की सजा होती हे, तो उन्हें सस्पेंड किया जा सकता है. उसी के तहत आज उन्हें सस्पेंड कर दिया गया, साथ ही वो अब 6 साल तक कोई चुनाव लड़ नही पाएंगे. गुजरात विधानसभा के अध्यक्ष के जरिए किए गए सस्पेंशन को अब कांग्रेस कोर्ट में चैलेंज करेगी. यहीं नहीं सस्पेंशन को लेकर कांग्रेस बुधवार को पूरे गुजरात में धरना प्रदर्शन करेगी. 2017 के चुनाव में भगवान बारड तलाला सीट से कांग्रेस के विधायक के तौर पर चुनाव जीत गए थे.

कांग्रेस के विधानसभा में विपक्ष के नेता परेश धनानी का कहना है कि न्यायालय ने फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती देने के लिए भगवान बारड को 30 दिन की मोहलत दी है. कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि भाजपा सरकार के इशारे पर विधानसभा अध्यक्ष ने उनकी पार्टी के विधायक को सस्पेंड किया है. नेता विपक्ष परेश धनानी ने आगे कहा कि भाजपा सरकार ने सत्ता का दुरुपयोग किया है जिसके तहत उन्हें विधायक पद से सस्पेंड कर दिया है. धनानी ने भाजपा से ये सवाल भी पूछे कि इससे पहले पूर्व मंत्री व पोरबंदर के विधायक बाबूभाई बोखिरिया को भी 2013 में अवैध खनन मामले में न्यायालय ने तीन साल की सजा सुनाई थी. लेकिन भाजपा सरकार या विधानसभा अध्यक्ष ने उन्हें सस्पेंड नहीं किया था तो फिर कांग्रेस के विधायक को क्यों सस्पेंड किया गया.

उन्होने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि कोर्ट ने उन्हें उच्च न्यायालय में जाने का भी वक्त दिया है बावजूद इसके भाजपा सत्ता का गलत इस्तमाल कर रही है. इस मामले में भारतीय जनता पार्टी की सरकार के खिलाफ आंदोलन की धमकी देते हुए धनानी ने कहा कि कांग्रेस बुधवार को पूरे प्रदेश में आंदोलन और प्रदर्शन करेगी. कांग्रेस के सभी कार्यकर्ता इसका विरोध कर तमाम जिला कलेक्टर को आवेदन देंगे.

तो वहीं गुजरात बीजेपी के अध्यक्ष जीतु वाधानी ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के नियमों का पालन करते हुए लिया गया है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस बारे में कुछ भी बोलने से पहले सुप्रीम कोर्ट के आदेश को पढ़ना चाह्ए. सुप्रीम कोर्ट में साफ कहा गया है कि 2 साल से ज्यादा की सजा होती है तो विधायक को सस्पेंड किया जा सकता है.

गौरतलब है कि कांग्रेस ने 2017 के विधानसभा चुनाव में 182 में से 77 सीट जीती थी लेकिन अब उनके पास 74 सीट ही बची है. जिसमें सबसे पहले जसदण सीट से कांग्रेस के विधायक कुंवरजी बावलिया ने कांग्रेस का हाथ छोड़ बीजेपी दामन पकड़ लिया था जिसके बाद उसे कैबिनेट में मंत्री बनाया गया. और न तो वहीं एक महीने पहले ऊंझा की विधायक डॉ आशाबेन पटेल ने पार्टी के नेताओं से नाराज होकर विधायक पद से इस्तीफा दे दिया था और कांग्रेस का साथ छोड़ कर बीजेपी में शामिल हो गई थी. वहीं अब कांग्रेस के एक और विधायक को संविधान का हवाला देते हुए सस्पेन्ड किया गया है. ऐसे में अब गुजरात में लोकसभा चुनाव के साथ साथ 2 विधानसभा के उपचुनाव भी होंगे.


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